कौशांबी: पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में 11 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना के कुछ ही घंटे बाद फैक्ट्री मालिक नौशाद की तीन दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। इन दुकानों का इस्तेमाल पटाखों के गोदाम के तौर पर किया जा रहा था। वहीं मंगलवार भोर में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी है। उसके परिवार के सदस्यों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था।
प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर चरवा के चिल्ला शहबाजी गांव में सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के मकान और बूंदी का कारखाना भी जमींदोज हो गए। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि आसपास के कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। घायलों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल भेजा गया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के परिजनों से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली।
योगी के निर्देश पर देर रात चला बुलडोजर
हादसे के बाद शासन स्तर पर भी हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन ने सोमवार देर शाम फैक्ट्री मालिक की तीन दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। इन दुकानों का इस्तेमाल पटाखों के भंडारण के लिए गोदाम के रूप में किया जा रहा था। दुकानों को गिराए जाने के बाद फैक्ट्री मालिक के मकान पर कार्रवाई को लेकर अधिकारी देर रात तक विचार-विमर्श करते रहे, लेकिन इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। प्रशासन की ओर से आगे भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
मनौरी बाजार की तीन दुकानों में रखा जा रहा था पटाखा
फैक्ट्री मालिक नौशाद और उसके परिवार की मनौरी बाजार में तीन दुकानें थीं। इनमें एक दुकान रेलवे ओवरब्रिज के नीचे और दो दुकानें बाजार में स्थित थीं। बताया गया कि इन दुकानों को पटाखों के गोदाम के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले की जानकारी सामने आने के बाद जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा और पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के निर्देश पर एसडीएम चायल प्रेरणा गौतम और डीएसपी शिवांक सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में तीनों दुकानों को ध्वस्त करा दिया गया। कार्रवाई देर रात तक चलती रही और इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुटी रही।
मुठभेड़ में पैर में लगी गोली, नौशाद गिरफ्तार
पटाखा फैक्ट्री के मालिक नौशाद को मंगलवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी चायल शिवांक सिंह के मुताबिक, सैयद सरावां-तेरहमील मार्ग पर काजीपुर मोड़ के पास पुलिस और एसओजी की टीम ने घेराबंदी की थी। पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देखकर नौशाद ईंट भट्ठे की तरफ भागने लगा और उसने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके पास से 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए गए। घायल नौशाद को जिला अस्पताल मंझनपुर भेजा गया है।
आर्थिक फायदे के लिए अवैध पटाखे बनाने का आरोप
डीएसपी के अनुसार, नौशाद महमूदपुर मनौरी का रहने वाला है। पूछताछ में उसने आर्थिक लाभ के लिए साथियों के साथ मिलकर पावर हाउस के पास बने गोदाम में अवैध पटाखे और विस्फोटक सामग्री तैयार करने तथा रखने की बात स्वीकार की है। विस्फोट के बाद पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की थीं। पुलिस की टीमें अब मामले में शामिल अन्य अभियुक्तों की तलाश में जुटी हैं।
11 मौतों के बाद कार्रवाई तेज
पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। फैक्ट्री और गोदाम के मलबे के बाद अब मालिक की तीन दुकानों को भी ध्वस्त किया जा चुका है। मुख्य आरोपी नौशाद की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके साथियों और मामले में शामिल अन्य आरोपियों तक पहुंचने में जुटी है।
